झंडु के ब्रांडों से मुकाबले को तैयार इमामी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 6:46 AM IST

हाल ही में लगभग 700 करोड़ रुपये में झंडु फार्मास्युटिकल वर्क्स का अधिग्रहण कर चुकी इमामी ने फिलहाल झंडु को अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बनाएगी।


इमामी का इरादा बाद में दोनों कंपनियों के विलय का है। इमामी ने दोनों कंपनियों के प्रतिद्वंद्वी उत्पादों के लिए अलग-अलग रणनीतियां भी तैयार की हैं।

ये रणनीतियां उत्पादों की कीमत के साथ-साथ उनकी बाजार में मौजूदगी को भी ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।


इमामी के चेयरमैन आर एस अग्रवाल का कहना है कि इमामी का इरादा अगले वित्त वर्ष तक समूह के कुल कारोबार को 2,400 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है, जबकि मौजूदा समय में कंपनी का कुल कारोबार 1,700 करोड़ रुपये का है।

उन्होंने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘झंडु इमामी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी होगी। दोनों कंपनियों के प्रबंधन एकीकरण और आर्थिक तौर पर व्यवहार्य मार्केटिंग, खर्च में कटौती, जानकारी को बांटने के लिए हमने झंडु को सहायक कंपनी बनाने का फैसला लिया है। अभी तक दोनों कंपनियों की सालाना आम वार्षिक बैठक अलग-अलग होती थी।’

हर्ष अग्रवाल और मोहन गोयनका को झंडु के संयुक्त प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। इमामी के संयुक्त निदेशक मोहन गोयनका का कहना है कि दोनों कंपनियों के विलय का इरादा काफी बाद का है।

उनका कहना है, ‘अभी हम झंडु की ब्रांड की मजबूती का फायदा कैसे उठाया जाए, इस बारे में ध्यान दे रहे हैं। हम अपनी मार्केटिंग और ब्रांड बनाने की रणनीतियों पर दोबारा काम कर रहे हैं ताकि दोनों कंपनियों के प्रतिद्वंद्वी ब्रांडों को एक साथ चलाया जा सके, वह भी एक दूसरे के मुनाफे को नुकसान पहुंचाए बिना।

साथ ही हम झंडु के वितरण और शोध एवं विकास कार्यों का भी इमामी को फायदा पहुंचाने पर विचार कर रहे हैं।’

दोनों कंपनियां च्यवनप्राश भी बेचती हैं। झंडु जीवन केसरी के 1 किलोग्राम की कीमत 360 रुपये है, जबकि 1 किलो इमामी सोना चांदी च्यवनप्राश 220 रुपये का है। इमामी की योजना च्यवनप्राश में चॉकलेट और कैंडी के स्वाद भी पेश करने की है ।

और इसके लिए कंपनी का इरादा सोना चांदी को सभी उम्र वालों के लिए एक स्वास्थ्य उत्पाद के तौर पर बाजार में दोबारा पेश करने का है। साथ ही कंपनी की योजना एक संपूर्ण खाद्य और पर्सनल केयर उत्पाद बनाने वाली कंपनी के रूप में सामने आने की है।

कंपनी इसके अलावा ग्रामीण और शहरी बाजारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए उत्पादों के वैरिएंट भी पेश करेगी। इमामी झंडु के 2,800 वितरकों का भी इस्तेमाल करेगी, जबकि कंपनी पहले ही 4.15 लाख रिटेल आउटलेट पर अपने उत्पादों को बेचती है।

First Published : December 2, 2008 | 11:39 PM IST