अमेरिका में बेशक दिग्गज कंपनियों को मंदी के तूफान से बचाने के लिए ऐसे बेलआउट पैकेज दिए गए, जो कई देशों के सकल घरेलू उत्पाद से ज्यादा थे।लेकिन सत्यम मामले में सरकार ने आर्थिक पैकेज से इनकार कर दिया।
बिजनेस स्टैंडर्ड की साप्ताहिक व्यापार गोष्ठी में बहस का मुद्दा यही था। जवाब में पाठकों और विशेषज्ञों की मिली जुली राय है।
कुछ निवेशकों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राहत पैकेज के पक्ष में हैं तो कई मानते हैं कि किसी कंपनी की कारगुजारियों की करदाताओं के पैसे से क्यों भरपाई की जाए?