मारुति को एक और झटका

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 7:03 AM IST

यूरोपीय ऑटो बाजार में आई गिरावट से जापान की कंपनी निसान मोटर भी परेशान है।


यही वजह है  कि निसान को भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी से छोटी कार निर्यात करने के समझौते में फेर-बदल करना पड़ा है।

मारुति सुजुकी अब निसान को केवल 10,000 कारों की आपूर्ति करेगी, जबकि पहले 50,000 कार की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया था।

मारुति ने हाल में कॉम्पैक्ट सेगमेंट में ए-स्टार नाम से नई कार लॉन्च की है, जिसे वह निसान को आपूर्ति करेगी। निसान इस कार के आंतरिक और बाह्य डिजाइन में थोड़ी फेर-बदल कर ‘पिक्सो’ नाम से यूरोपीय बाजार में उतारेगी।

दोनों कंपनियों के बीच वर्ष 2006 में समझौता हुआ था। लेकिन यह सौदा एकमुश्त आपूर्ति के लिए ही था, न कि सालाना आपूर्ति के लिए।

इधर, मारुति ने भी घोषणा की है कि वह अपनी ए-स्टार मॉडल को यूरोपीय बाजार में जनवरी 2009 तक उतारेगी। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सेल्स और मार्केटिंग) मयंक पारिक ने बताया कि निसान के साथ हुए सौदे के बारे में दोनों कंपनियों के बीच बात चल रही है।

जिसमें यह तय किया जाएगा कि कितनी और कब कार की आपूर्ति करनी है। साथ ही कार की कीमत पर भी विचार किया जाएगा। निसान का पक्ष जानने के लिए कंपनी को ई-मेल भेजा गया था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया।

निसान की भारतीय सहयोगी कंपनी निसान मोटर इंडिया इस सौदे के दायरे से बाहर है। हालांकि वह दो भारतीय ऑटो कंपनियों-बजाज ऑटो और अशोक लीलैंड के साथ दो अलग-अलग उपक्रमों पर काम कर रही है।

First Published : December 3, 2008 | 11:47 PM IST