अब अगर आप जेट एयरवेज या फिर जेटलाइट की किसी उड़ान में सीट बुक कराना चाहते हैं, तो आपको इंटरनेट का सहारा लेना पड़ेगा।
या फिर इस एयरलाइन के सेल्स ऑफिस की तरफ रुख करिये। दरअसल, ट्रैवल एजेंटों और ऑनलाइन टै्रवेल पोर्टल ने जेट एयरवेज को काली सूची में डाला कर उसकी टिकटों की बिक्री बंद कर दी है। यह फैसला उन्होंने एजेंटों को मिलने वाले पांच फीसदी के कमीशन को खत्म करने के खिलाफ लिया गया है।
सोमवार को हुई एक बैठक में, टै्रवेल एजेंटों के छह एसोसिएशनों और ऑनलाइन टै्रवेल पोर्टलों ने हिस्सा लिया। टै्रवेल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव अजय प्रकाश ने इस बात के संकेत भी दिए कि यह रोक दूसरे एयरलाइंसों की टिकटों पर भी लगाई जा सकती है।
बैठक में पेश आंकड़ों के मुताबिक जेट को हर दिन 18 करोड़ रुपये की कमाई होती है, जिसमें से करीब 16 करोड़ रुपये उन्हें एजेंटों से ही मिलती है।