एचयूएल शेयर को मांग से दम

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सुधार की उम्मीद, मांग संबंधी रुझान में सुधार और बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी के मद्देनजर देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता वस्तु कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के लिए ब्रोकरेज ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पिछले छह महीनों के दौरान एचयूएल के शेयर में स्थिरता रहने के बाद जून के दौरान इसमें 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

कंपनी की बिक्री में करीब 70 फीसदी योगदान करने वाली स्वास्थ्य एवं स्वच्छता श्रेणी में जून तिमाही के दौरान अधिक मांग के कारण क्रमिक आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। वृद्धि को मुख्य तौर पर ग्रामीण बाजारों से रफ्तार मिली जो शहरी बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सामान्य मॉनसून, जबरदस्त रबी फसल और ग्रामीण रोजगार योजनाओं (मनरेगा) की अपेक्षाओं को देखते हुए ग्रामीण मांग के दमदार रहने की उम्मीद है।

स्किन केयर, कलर कॉस्मेटिक्स, डिओडोरेंट्स और आउट-ऑफ-होम जैसी विवेकाधीन श्रेणियों में सुधार होने में अधिक समय लग सकता है। कंपनी की कुल बिक्री में इन श्रेणियों का योगदान करीब 20 फीसदी है। शहरी क्षेत्रों में कामकाज के घंटे सीमित होने के कारण इन उत्पादों की मांग प्रभावित हुई जबकि बिक्री एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले बेहतर रही।

हालांकि वृद्धि में सुधाार होना चाहिए लेकिन मार्जिन पर निकट भविष्य में दबाव दिख सकता है। पाम ऑयल, कच्चे तेल और चाय जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में तेजी की भरपाई मूल्य वृद्धि और उत्पाद मेल के जरिये पर्याप्त नहीं होगी।

हालांकि पिछले साल के मुकाबले कंपनी के प्रदर्शन और उसके जबरदस्त वितरण एवं निष्पादन को देखते हुए बाजार का रुझान तेजरिये का बना हुआ है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज विश्लेषक कृष्णन सांबामूर्ति के नेतृत्व में विश्लेषकों का कहना है कि जबरदस्त व्यवधान वाले वर्ष होने के बावजूद कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 के दौरान शुद्ध मुनाफे में 11.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने मध्य एकल अंक में आय वृद्धि दर्ज करते हुए इसके मुकाबले काफी कमजोर प्रदर्शन किया है।

नोमुरा रिसर्च के अनुसार, मध्यावधि में उद्योग में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने के लिए एचयूएल को बाजार हिस्सेदारी में बढ़त से मदद मिलेगी। कीमतों में वृद्धि के बावजूद उसके 82 से 87 फीसदी कारोबार की पैठ में वृद्धि हुई है।

अधिकतर विश्लेषकों ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ वर्षों में कंपनी अपनी आय में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर सकती है। हालांकि 2,700 से 3,000 रुपये के लक्षित मूल्य दायरे के साथ मौजूदा मूल्यांकन में तेजी दिख रही है लेकिन लंबी अवधि में उल्लेखनीय रिटर्न मिल सकता है।