गिरावट में निवेशकों ने की खरीदारी

कारोबारियों ने लगातार दूसरे दिन गिरावट पर खरीदारी की, जिससे बाजार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से पैदा हुए दबाव का सामना करने में मदद मिली। फेडरल के एक अधिकारी द्वारा की गई उस टिप्पणी के बाद शेयरों पर बिकवाली दबाव बढ़ गया था जिसमें अगले साल के शुरू में दर वृद्घि का अनुमान जताया गया था। वैश्विक बाजारों में नुकसान की आशंका को देखते हुए घरेलू शेयर बाजारों में भी शुक्रवार के साथ साथ सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इन दोनों दिन के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो गई।

विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में बिकवाली के बीच छोटे निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों से मजबूत खरीदारी देखी गई।

इक्विनोमिक्स के संस्थापक जी चोकालिंगम का कहना है, 'मैं भी आश्चर्यचकित हूं। गिरावट के बाद अच्छी खरीदारी के संदर्भ में नए निवेशकों के उत्साह के अलावा मुझे कोई अन्य कारण नहीं दिख रहा है।'

सेंसेक्स सोमवार के निचले स्तर से 834 अंक सुधर गया और शुक्रवार को यह सूचकांक 700 अंक गिरने के बाद आखिर में 21 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स 52,574 पर बंद हुआ, जो 230 अंक या 0.44 प्रतिशत की तेजी है। दूसरी तरफ, निफ्टी 15,746 पर बंद हुआ जो 63 अंक या 0.4 प्रतिशत की तेजी है।

कई विश्लेषक अनुमान जता रहे थे कि अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को आई कमजोरी के बाद बाजार गिरेगा। अमेरिकी फेडरल के अधिकारी जिम बुलार्ड ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा पहली दर वृद्घि अगले साल के अंत से पहले की जा सकती है, जिसके बाद बाजारों में बेचैनी पैदा हो गई। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी नीतिगत बैठक के दौरान 2023 के अंत तक दर वृद्घि का संकेत दिए जाने से भी निवेशकों में चिंता पैदा हो गई थी।

विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक सुधार ने सभी जोखिमपूर्ण परिसंपत्ति वर्गों के लिए जोखिम सहन करने की क्षमता प्रदान की है। इसके अलावा कोविड-19 की दूसरी लहर से भारत के बाहर निकलते से भी निवेशक धारणा में मजबूती आई है।

मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी ने कहा, 'यह वर्ष काफी समय बाद वैश्विक रूप से जीडीपी वृद्घि के लिए मजबूत दिख रहा है। भारत में भी, दूसरे अनलॉक में, यह स्पष्ट हो गया है कि मांग में सुधार आ रहा है। प्रत्येक केंद्रीय बैंक यह कह रहा है कि वह आसान मौद्रिक नीति बरकरार रखेगा। भले ही तीसरे लहर की आशंका बनी हुई है, लेकिन वैश्विक रूप से टीकाकरण के प्रयासों में अच्छी तेजी आई है। इससे लोगों में इसे लेकर सकारात्मक धारणा विकसित हो रही है कि यदि तीसरी लहर आई तो उसका प्रभाव काफी कम रहेगा।'

विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक फेडरल नीति निर्माताओं (उसके चेयरमैन जेरोम पॉवेल समेत) द्वारा आगामी कदमों पर गंभीरता से नजर लगाए रखेंगे।

फेडरल की दर वृद्घि से जुड़ी चिंताओं ने सेंसेक्स की चार सप्ताह की तेज पर पिछले सप्ताह के अंत में विराम लगा दिया था। इससे पूर्व के चार सप्ताओं में इस सूचकांक ने करीब 8 प्रतिशत की बढ़त बनाई थी।

सोमवार को 398 शेयरों ने अपना 52 सप्ताह का ऊंचा स्तर बनाया, और 573 शेयरों ने अपर सर्किट छुआ। बाजार धारणा सकारात्मक थी और बीएसई पर 2,049 शेयर तेजी के साथ और 1,258 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

अदाणी समूह के शेयरों में इन खबरों के बीच तेजी आई कि प्रवर्तकों ने खुले बाजार से शेयर खरीदे हैं।


सैट में राणा कपूर की अपील खारिज

प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) ने येस बैंक के पूर्व प्रवर्तक राणा कपूर की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जो उन्होंने डिस्क्लोजर के नियमों का अनुपालन न करने पर सेबी की तरफ से लगाए गए 1 करोड़ रुपये के जुर्माने के खिलाफ दाखिल किया था। साल 2018 में राणा कपूर के स्वामित्व वाली मॉर्गन क्रेडिट ने जीरो कूपन वाली एनसीडी के जरिये म्युचुअल फंड से 950 करोड़ रुपये जुटाए थे। बीएस