केरल में 1 जून को आ सकता है मॉनसून

भारत का दक्षिण पश्चिमी मॉनसून 1 जून को केरल के तट पर पहुंच सकता है। यह मॉनसून आने का सामान्य समय है। भूमि विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने आज यह जानकारी दी। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) आधिकारिक रूप से 2021 के मॉनसून की घोषणा 15 मई को करेगा, लेकिन राजीवन ने एक ट्वीट में आज कहा कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि केरल में मॉनसून समय पर 1 जून के आसपास पहुंच जाएगा। केरल में मॉनसून समय में आना उल्लेखनीय प्रगति होगी और इससे खरीफ की फसलों की समय से रोपाई सुनिश्चित हो सकेगी। पिछले महीने मौसम विभाग ने 2021 के मॉनसून के अपने पहले अनुमान में कहा था कि दक्षिण पश्चिमी मॉनसून, जो जून से शुरू होता है, सामान्य रहने की संभावना है, जो दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 98 प्रतिशत माना जाता है। आईएमडी 5 प्रतिशत ऊपर या नीचे के मॉडल त्रुटि के साथ अपने अनुमान पेश करता है। मॉनसून का एलपीए 88 सेंटीमीटर है।  एलपीए के 96 से 104 तक की बारिश को सामान्य बारिश माना जाता है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि उनके शुरुआती अनुमान से पता चलता है कि ओडिशा, बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वी यूपी और असम जैसे देश के पूर्वी और उत्तर पूर्व इलाकों को छोड़कर अन्य इलाकों में सामान्य बारिश होने की संभावना है। 
 
बहरहाल कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत में सामान्य से कम बारिश हमेशा नुकसानदेह नहीं होती है क्योंक इन इलाकों में रोजाना बारिश की मात्रा देश के अन्य इलाकों की तुलना में ज्यादा होती है।  आईएमडी ने कहा है कि पूरे देश की स्थिति देखें तो 61 प्रतिशत संभावना है कि इस साल सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होगी और 39 प्रतिशत संभावना है कि सामान्य से नीचे बारिश होगी। इसमें 14 प्रतिशत संभावना सामान्य से बहुत कम बारिश होने और एलपीए के 90 प्रतिशत से कम बारिश की संभावना है।  इसके पहले निजी क्षेत्र की मौसम का अनुमान लगाने वाली एजेंसी स्काईमेट ने भी अनुमान लगाया था कि इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा।