अग्रिम कर भुगतान में वाहन, आईटी कंपनियां आगे

भारतीय कंपनियों से प्राप्त अग्रिम कर में भारी वृद्धि की अगुआई मुख्य रूप से मारुति सुजूकी, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा कंसल्टेंसी (टीसीएस) और इन्फोसिस जैसी वाहन कंपनियों और तकनीकी कंपनियों ने की है। इन चार अगुआ कंपनियों का कर भुगतान चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में निम्न आधार वर्ष के चलते 44 से 200 फीसदी बढ़ा है। 

एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक जैसे शीर्ष वित्तीय संस्थानों का कर भुगतान भी दो अंकों में बढ़ा है। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी, आईटीसी जैसी कुछ दिग्गज कंपनियों ने अभी अपनी पहली किस्त नहीं चुकाई है। राजस्व विभाग के सूत्रों ने कहा कि शानदार अग्रिम कर संग्रह दर्शाता है कि महामारी की दूसरी लहर में राज्य स्तरीय प्रतिबंधों का शायद कंपनियों की वृद्धि पर ज्यादा असर नहीं पड़े। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि हालांकि कर संग्रह के आंकड़े मुख्य रूप से निम्न आधार वर्ष की वजह से ऊंचे हैं। पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में यहां तक कि बड़ी कंपनियों ने भी पहली किस्त का भुगतान नहीं किया था या अनुमानों से काफी कम भुगतान किया था।  कंपनियों और व्यक्तियों को वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पहली किस्त के रूप में अपनी कर देनदारी का 15 फीसदी चुकाना होता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक टीसीएस ने पहली तिमाही में 1,160 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 65 फीसदी अधिक है। कंपनी के पास भरपूर ऑर्डर आ रहे हैं क्योंकि महामारी से सभी क्षेत्रों में डिजिटलीकरण तेज हुआ है। इससे आईटी कंपनियों को ज्यादा आमदनी हो रही है। इन्फोसिस ने 720 करोड़ रुपये का अग्रिम कर जमा कराया है, जो 44 फीसदी अधिक है। टेक महिंद्रा ने अपना कर भुगतान 35 फीसदी बढ़ाकर 190 करोड़ रुपये किया है।

ऐसा लगता है कि प्रमुख वाहन कंपनियों और रोजमर्रा के सामान की उत्पादक कंपनियों को बाजार खुलने और दबी हुई मांग आने का फायदा मिला है।