न्यायमूर्ति वी के ताहिलरमणी और न्यायमूर्ति पी डी कोडे ने हाल में कहा, रिकार्ड का अध्ययन करने पर हम पाते हैं कि अपराध के साथ अपीलकर्ता का संबंध जोड़ने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और इसलिए उनकी अपील में हम कोई गुण-दोष नहीं पाते हैं।
सांगली की सत्र अदालत ने डा. गुरुदत्त उर्फ जन्मेजय कुमार शंकर गावडे को मार्च 2003 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने उन्हें अपनी पत्नी पुष्पा :चिकित्सक: और बेटे शांतनु की हत्या का दोषी पाया था।
डाक्टर ने लोहे की छड़ से सिर पर प्रहार कर अपनी पत्नी की हत्या की थी जबकि पानी के ड्रम में अपने चार वर्षीय बेटे को डुबोकर मार डाला था।
भाषा