वाशिंगटन, 23 मई :भाषा: अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान में तालिबान के देश के भावी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को दिए शांति वार्ता के प्रस्ताव पर कोई भी टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।
तहरीक-ए- तालिबान पाकिस्तान के शांति वार्ता के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीटीआई से कहा, किसी भी संभावित बातचीत पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
प्रवक्ता ने कहा, अमेरिका और पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण और साझे सामरिक हित हैं। हम हिंसक कट्टपंथी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
पाकिस्तान में हाल में हुए आम चुनावों में पाकिस्तान मुस्लिम लीग :पीएमएल-एन: के नेता शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण करने वाले हैं।
स्थानीय मीडिया ने शरीफ के हवाले से कहा था, सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा और बंदूकें सभी समस्याओं का हल नहीं है। हम बैठकर बात क्यों नही कर सकते?
प्रतिबंधित तालिबान ने पूर्ववर्ती पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया था और प्रक्रिया के लिए गारंटी दे सकने वाले तीन राजनेताओं में शरीफ का नाम भी लिया था।
भाषा