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आउट-लाइसेंसिंग के लिए ग्लेनमार्क तैयार
रघु बालकृष्णन / मुंबई December 29, 2014

प्रमुख औषधि कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स दर्द निवारक दवा के मॉलिक्यूल के लिए दूसरों को लाइसेंस देने के लिए सौदा करने के लिए तैयार है। कंपनी कई मॉलिक्यूल पर अनुसंधान कर रही है। इस दर्द निवारक मॉलिक्यूल जीआरसी 17536 के बाजार का आकार करीब 1 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। इस मामले से अवगत लोगों के अनुसार ग्लेनमार्क कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सौदे के लिए बातचीत कर रही है। सौदा कुछ महीने में होने के आसार हैं। इस मॉलिक्यूल ने सफलतापूर्वक दूसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है। इसके तहत यूरोप और भारत में 138 रोगियों पर परीक्षण किया गया।

आउट-लाइसेंसिंग सौदे के तहत ग्लेनमार्क के साझेदार को अब इस मॉलिक्यूल से दवा विकसित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा। ग्लेनमार्क को हरेक चरण सफलतापूर्वक पूरा होने पर खास रकम मिलेगी। विकसित दवा बाजार में आने पर उसे रॉयल्टी और कुछ देशों में विपणन अधिकार भी मिलेंगे। पिछले 10 साल के दौरान ग्लेनमार्क ने सात आउट-लाइसेंसिंग सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन सौदों से उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में करीब 20.6 करोड़ डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ। साल 2011 में कंपनी ने अपने जीबीआर 500 मॉलिक्यूल के लिए सनोफी के साथ 61.3 करोड़ डॉलर का आउट लाइसेंसिंग सौदा किया था। हालांकि मीडिया खबरों के अनुसार इस मॉलिक्यूल से क्रोहन्स रोग और मल्टिपल स्क्लेरोसिस के उपचार के लिए दवा विकसित की जानी थी। लेकिन इसके लिए अध्ययन आगे नहीं बढ़ाया जा सका जिससे सनोफी को आगे इसका परीक्षण रोकना पड़ा।

ग्लेनमार्क को इस सौदे के लिए सनोफी से 2.5 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान हुआ था। संपर्क करने पर ग्लेनमार्क के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी बाजार के कयासों पर टिप्पणी नहीं करेगी। लागत में कटौती करने की रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियां इन-लाइसेंस मॉलिक्यूल्स को तरजीह देती हैं। आमतौर पर इन मॉलिक्यूल्स का पहले और दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण मानव पर सफलतापूर्वक पूरा हो चुका होता है। इसके बाद दवा विकसित करने की प्रक्रिया की लागत 1 से 3 अरब डॉलर के बीच होती है। साल 2010 में ग्लेनमार्क ने सीओपीडी और अस्थमा की दवा के लिए मॉलिक्यूल ऑग्लेमिलास्ट के लिए इलाई लिली के साथ आउट-लाइसेंसिंग सौदा किया था लेकिन परीक्षण सफल न रहने पर उसे ग्लेनमार्क को वापस कर दिया गया था। इसी प्रकार 2008 में ग्लेनमार्क को लगभग इसी प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इस बार इलाई लिली ने सकारात्मक परिणाम न आने पर जीआरसी 2011 मॉलिक्यूल का परीक्षण रद्द कर दिया था।

Keyword: pharma, medicine, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स,
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