Advertisement
मई में EV बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, 45% उछाल से पहली बार 11% के पार पहुंची बाजार हिस्सेदारीTCS चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बड़ा बयान: 3 साल में कर्मचारियों के बराबर होंगे AI एजेंटवाहन निर्माताओं का नीति आयोग को जवाब- पुराने वाहन कहां हैं, पता नहींEditorial: हादसों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और लापरवाह शहरी शासन की कहानीशास्त्री भवन को अलविदा: सत्ता के गलियारों की अनगिनत गाथाएं समेटे, खुले और जनसुलभ शासन की पहचानक्या तेल संकट के दौर में भारत की महंगाई नियंत्रण नीति जरूरत से ज्यादा सख्त है?रुपये की जोरदार वापसी, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के कदमों से मिला सहाराखुदरा निवेशकों का उत्साह पड़ा फीका, लगातार तीसरे महीने धीमी रही नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तारAI जुनून का चरम है स्पेसएक्स का आईपीओ, जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने जताई बड़ी आशंकापैसिव फंड्स पर सेबी की सख्ती! ETF और इंडेक्स फंड्स के लिए भी आ सकता है 50% ओवरलैप नियम
अन्य समाचार गंदे माहौल में नसबंदी पर उच्चतम न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाब
'

गंदे माहौल में नसबंदी पर उच्चतम न्यायालय ने सरकार से मांगा जवाब

PTI

- July,08 2012 5:13 AM IST

उच्चतम न्यायालय ने गंदे माहौल में नसबंदी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर केंद्र और प्रदेश सरकारों से जवाब मांगा है ।

जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि देश भर में महिलाओं के लिए नसबंदी शिविर गंदे माहौल में चलाए जा रहे हैं ।

न्यायमूर्ति आर एम लोढा और न्यायमूर्ति ए आर दवे ने स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता देविका बिस्वास की याचिका पर संबंधित अधिकारियों के जवाब देने में नाकाम रहने पर मामले की सुनवाई 12 हफ्ते के लिए टाल दी ।

अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार जैसी जगहों में नसबंदी शिविर टार्च की रोशनी में आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें अप्रशिक्षित एनजीओ कार्यकर्ता एनस्थीसिया का प्रयोग कर रहे हैं ।

याचिका में कहा गया कि इस बात के सुबूत हैं कि बिहार सरकार से करार वाले एक एनजीओ ने एक घंटे में 60 ऑपरेशन कर डाले ।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement