देहरादून, 25 नवंबर :भाषा:उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने एवं युवाओं के लिये रोजगार के अवसर पैदा करने की दृष्टि से लायी गयी विशेष एकीकृत पर्वतीय औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अनुकूल परिणाम सामने आ रहे हैं ा
जानकारों की राय है कि टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकार्प,हिंदुस्तान यूनिलीवर और बजाज आटो जैसे बड़े उद्योग जहां राज्य के मैदानी इलाकों में भारी भरकम पूंजी निवेश लाने में सफल रहे वहीं इस नीति के तहत लगी इकाइयों ने पहाड़ों में उद्यमशीलता और रोजगार के बेहतरीन मौके पैदा किये है।
हाल में तैयार की गयी एक सरकारी रिपोर्ट से यह बात निकलकर सामने आयी कि नीति के तहत चालू वित्त वर्ष 2012-13 की पहली छमाही के दौरान ही 488 नयी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं और उनमें कुल 60.72 करोड रूपये का पूंजी निवेश हुआ ा
रिपोर्ट के मुताबिक, इससे न केवल पहाड़ी इलाकों में औद्योगिक विकास को एक रफ्तार मिली, बल्कि 1727 युवाओं को उनके घर के नजदीक ही रोजगार के अवसर मुहैया हुए ा
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस नीति में पिछड़े हुए पहाड़ी इलाकों के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की असीमित संभावना है ा
उन्होंने कहा कि नयी इकाइयों के आने से स्थानीय लोगों खासतौर से युवाओं में उद्यमशीलता बढ़ रही है और उन्हें पहली बार यह अहसास हो रहा है कि क्षेत्र में हो रहे विकास में वे स्वयं भागीदारी निभा रहे हैं ा
जारी भाषा दीप्ति
जयपाल उमा मनोहर अर्थ42
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