इसमंे टपक सिंचाई और फव्वारा सिंचाई, दोनों प्रकार की प्रणालियां शामिल हैं। 2012-13 के लिए ये निविदा निकाली गई है। 66 कंपनियांे ने हाल मंे इसके लिए बोली लगाई। इसमंे से 20 कंपनियांे इसके पात्र हैं।
इससे पहले तक केंद्रीय योजना के तहत किसानांे को टपक और फव्वारा सिंचाई परियोजनाआंे के लिए उपकरणांे पर सब्सिडी मिलती है। हर साल सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाआंे पर 1,400 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इनमंे 50 फीसद सब्सिडी के रूप मंे राज्य और केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है।