संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ द्वारा बुलायी गयी बैठक ऐसे समय हो रही है जब संसद के मौजूदा सत्र के दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं।
यह गतिरोध मौजूदा सत्र के पहले ही दिन 22 नवंबर से जारी है और सरकार विपक्ष की मांग पर झुकती नहीं दिखायी दे रही है।
सरकार की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि वह विपक्ष की मांग को स्वीकार करेगी या नहीं। लेकिन पार्टी के कई नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि मतदान की स्थिति में किसी संभावित खतरे को टाला जा सके।
जारी भाषा