पुलिस सूत्रांे ने आज यहां बताया कि गुरुवार की देर रात अपर गंगा चीनी मिल की आसवन इकाई की टरबाइन से मीथेन गैस लीक होने का पता लगने पर टरबाइन आपरेटर जगदीश सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह गैस के सम्पर्क में आकर बेहोश हो गया।
उन्होंने बताया कि जगदीश की हालत देखकर लोकेश तथा सुरक्षा गार्ड प्रदीप मौके पर पहुंचे लेकिन उनका भी जगदीश जैसा ही हाल हुआ।
सूत्रों के मुताबिक चीनी मिल कर्मी काशीनाथ तथा विजय मुंह पर कपड़ा बांध कर मौके पर पहुंचे और बेहोश हुए जगदीश, लोकेश तथा प्रदीप को बाहर लाए लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि काशीनाथ और विजय भी गैस का असर बर्दाश्त नहीं कर सके और बेहोश हो गये। उन्हें मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन ने मृतक के परिजन को सवा-सवा लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।