विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कल एक बयान में कहा कि 22 नवंबर को लिये गये इस निर्णय और की गई घोषणाओं से कई मिस्र वासियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता उत्पन्न हुयी है ।
उन्होंने कहा कि आंदोलन एक लक्ष्य था कि सत्ता किसी एक व्यक्ति या किसी एक संस्था के हाथ में केन्दि्रत नहीं हो।
नूलैंड ने कहा कि मिस्र में वर्तमान संवैधानिक खालीपन को केवल एक संविधान को अपना कर ही पूरा किया जा सकता है। इस संविधान में नियंत्रण और संतुलन, मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान, व्यक्तिगत अधिकार और मिस्र के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ कानून का शासन शामिल हो।
मिस्र के राष्ट्रपति के निर्णय का विरोध करने के लिए एक स्पष्ट संदर्भ में नूलैंड ने कहा कि हम लोग शांति की अपील करते हैं और सभी पार्टियों को साथ मिल कर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं और मिस्र के सभी नागरिकों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर शांतिपूवर्क और लोकतांत्रिक वार्ता के जरिए अपने मतभेद भुला कर समाधान करने का आह्वान करते हैं।