मार्टिनश्रीड के मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट ऑफ बायोकेमिस्ट्री और कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने दिखाया है कि इस विषाणु के जीनोम के बारे में पहले जितना सोचा जाता था, उससे काफी अधिक सूचना है।
उल्लेखनीय है कि दुनिया की 80 फीसदी से अधिक जनसंख्या हर्पीयस विषाणु से ग्रस्त है । यह विषाणु नवजात शिशुओं और कमजोर प्रतिरोधक तंत्र वाले व्यक्तियों में कई रोग पैदा करता है।
वैसे तो अनुसंधानकर्ताओं ने 20 साल पहले ही हर्पीयस विषाणु जीनोम का अनुक्रम तैयार कर लिया था और मान बैठा था कि विषाणु जितने प्रोटीन बनाता है, उनसभी का वे अनुमान लगा लेंगे।
लेकिन अब वैग्यानिकों ने जीनोम की सूचना का ज्यादा सटीकता से विश्लेषण किया है।
यह अध्ययन साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।