चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी वृद्धि दर इतनी ही रही थी। हालांकि, एक साल पहले दूसरी तिमाही में 6.9 फीसद वृद्धि दर्ज की गई थी।
चिदंबरम ने यहां संवाददाताओं से कहा जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की वृद्धि दर घटकर 5.5 फीसद पर आ गई और दूसरी तिमाही में भी यह 5.5 फीसद के दायरे में रहने की संभावना हो तो कहने की जरूरत नहीं है कि हम मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं।
कंेद्रीय सांख्यिकी संगठन :सीएसओ: अगले सप्ताह 30 नवंबर को दूसरी तिमाही की वृद्धि का आंकड़ा जारी कर सकता है।
वित्त वर्ष 2011-12 से पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर आठ फीसद से उपर चल रही थी। हालांकि, वैश्विक और घरेलू दोनों क्षेत्रों में इसमें नरमी आई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी वृद्धि दर 5.5 फीसद रही जो पिछले करीब दशक भर का न्यूनतम स्तर है।
जारी भाषा