झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास पार्टी के नेता बाबूलाल मरांडी ने पनेम कोयला खान क्षेत्र के परियाजना प्रभावित इलाके के लोगों के पुनर्वास के मुद्दे पर वहां से कोयले की निकासी रोकने की धमकी दे रखी है।
पंजाब राज्य बिजली बोर्ड :पीएसईबी: तथा एमटा ग्रुप आफ कंपनीज के संयुक्त उद्यम पनेम कोल माइंस लि. द्वारा झारखंड की पचवाड़ा खदानांे से राज्य के बिजलीघरांे के लिए 70 लाख टन कोयले का खनन किया जाता है। कंपनी ने आगाह किया है कि वहां आंदोलन के चलते कोयले की आपूर्ति रुक सकती है।
कंपनी के निदेशक बिकास मुखर्जी ने पंजाब राज्य बिजली निगम :पीएसपीसीएल: को पत्र लिखकर कहा है कि स्थिति अब काफी गंभीर हो चुकी है और हमंे आशंका है कि यदि इस मुद्दे को सुलझाया नहीं गया तो पीएसपीसीएल को कोयले की आपूर्ति आगामी दिनांे मंे बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के प्रमुख बाबूलाल मरांडी झारखंड के पाकुर जिले में धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि पनेम कोयला खदानांे से प्रभावित लोगांे का पुनर्वास किया जाए।
भाषा अजय