बाजार सूत्रों ने कहा कि रुपये की धारणा निवेशकों की आर्थिक सुधारों के प्रति बढ़ रही चिंता से प्रभावित रही। संसद की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन बाधित होने से निवेशकों को सुधारों में देरी की चिंता सता रही है।
उन्होंने कहा कि सतत डालर अंत:प्रवाह और विदेशों में कमजोर डालर भी रुपये की गिरावट को थाम नहीं पाये। अन्तरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 55.20 रुपये प्रति डालर पर मामूली उंचा खुला जो विगत में 55.21 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था और कारोबार के दौरान स्थानीय शेयर बाजार की तेजी के कारण तत्काल 55.18 रुपये प्रति डालर की उंचाई को छू गया।
लेकिन बाद में आयातकों, मुख्यत: तेल रिफायनिंग कंपनियों और कुछ बैंकों की मासांत डालर मांग के कारण तेजी बरकरार नहीं रख पाया और 55.61 रुपये प्रति डालर तक लुढ़क गया। अंत में रुपया 30 पैसे अथवा 0.54 प्रतिशत की गिरावट दिखाता हुआ 55.51 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ।
विगत चार सत्र में रुपये में 45 पैसे अथवा 0.82 प्रतिशत की गिरावट आई है। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक आज 10.77 अंक की गिरावट दर्शाता 18,506.57 अंक पर बंद हुआ।
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने आज कारोबार के लिये संदर्भ दर 55.3445 रुपये प्रति डालर और 71.3665 रुपये प्रति यूरो निर्धारित किया। पौंड, यूरो और जापानी येन के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज हुई।