भविष्य में इस डेस्क का उपयोग करके कक्षा में छात्र आसानी से एक दूसरे के साथ मिलकर गणित की समस्याओं को सुलझा सकेंगे और अपनी गणितीय क्षमता को बेहतर बना सकेंगे।
करीब 400 छात्रों के साथ तीन वर्ष तक इस परियोजना पर काम करने वाले डरहम विश्वविद्यालय का कहना है कि साथ में मिलकर गणित की समस्याएं सुलझाने पर बच्चों की क्षमता में विकास होता है । इस अध्ययन में विश्वविद्यालय ने ज्यादातर आठ से 10 वर्ष उम्र के बच्चों को शामिल किया ।
स्टार-ट्रेक की तर्ज पर विकसित की जा रही यह कक्षा दूसरे विषयों को पढ़ाने में भी शिक्षकों के लिए मददगार साबित हो सकती है ।
अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि अपने दोस्तों को काम करते देखकर बच्चे प्रेरित होते हैं और वे भी काम करना चाहते हैं ।