डॉन समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से कहा कि जरदारी की योजना बिलावल के राजनैतिक कैरियर को शुरू करने की है। उन्हें अगले साल मई तक सत्तारूढ पीपीपी का सांकेतिक प्रमुख बनाया जाएगा, जब अगले साल आम चुनाव होंगे।
हालांकि, बिलावल चुनाव लड़ने के योग्य तभी होंगे जब अगले साल 25 सितंबर को वह 25 साल के होंगे।
यह कदम पीपीपी की किस्मत जिस तरीके से पार्टी के संस्थापक दिवंगत जुल्फिकार अली भुट्टो से जुड़ी हुई है उससे प्रभावित है।
सिंध क्षेत्र से नेशनल असेंबली के लिए निर्वाचित पीपीपी के सदस्य ने दावा किया कि जिस तरह भारत में बिना गांधी परिवार के नेतृत्व के बिना कांग्रेस का चुनाव में उतरना अकल्पनीय है उसी तरह पीपीपी नेताओं के लिए भुट्टो परिवार से खुद को अलग रखने की बात सोची नहीं जा सकती है।
जारी :भाषा