यह जवाबी कार्रवाई ऐसे समय सामने आयी है जब चीन सरकार ने ऐसे ईपासपोर्ट जारी करना शुरू कर दिया है जिसके पृष्ठों पर वाटर मार्क मे ंचीन के ऐसे मानचित्र छपे थे जिनमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को चीन के हिस्से के रूप में दिखाया गया है।
भारत ने कुछ सप्ताह पहले इस पर गौर करते हुए बीजिंग स्थित अपने दूतावास के जरिये चीन के नागरिकों को भारत के मानचित्र वाले वीजा जारी करना शुरू कर दिया जिसमें इन क्षेत्रों को भारतीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है।
इससे पहले चीन द्वारा जम्मू कश्मीर को विवादित क्षेत्र करार देते हुए उसके निवासियों को नत्थी किया हुआ वीजा जारी करने और अरुणाचल प्रदेश के निवासियों को वीजा देने से इनकार किये जाने से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध शुरू हो गया था।
इससे नाराज भारत ने चीन के समक्ष कड़ा विरोध जताया जिसके बाद उसने फिर से जम्मू कश्मीर के नागरिकों को सामान्य वीजा जारी करना शुरू कर दिया लेकिन आधिकारिक रूप से यह स्वीकार नहीं किया कि वह ऐसा कर रहा था।