कार्पोरेट मंत्री सचिन पायलट ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने चार जाली कंपनियों की पहचान की है। इनमें स्पीकएशिया ऑनलाइन, पूवाचल कृषि विपणन कार्पोरेशन लिमिटेड, वंडर्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड और परसेप्टर नॉलेज एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी जो कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत बिना पंजीकरण के काम कर रही है उसे जाली की श्रेणी में रखा जाता है।
पायलट ने बताया कि सरकार ने स्पीकएशिया के मामले में जांच के लिए गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को तफ्तीश का आदेश दिया है वहीं अन्य तीन कंपनियों के लिए कंपनी रजिस्ट्रार, कानपुर ने कंपनी अधिनियम के तहत अभियोजन दाखिल किया है।
भाषा