ममगैन ने आज यहां आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल थे जिसमें 2733 निर्दोष सिख मारे गए। उन्हेें लूटा और जलाया गया लेकिन 28 साल के बाद भी उनके परिवारों को न्याय का इंतजार है ।
उन्होंने कहा कि पीडि़तों को न्याय दिलाने में अकाली दल और भाजपा का गठजोड़ भी विफल रहा जो खुद को सिखों का हितैषी बताता है ।
ममगैन ने दंगा पीडि़तों के परिजनों के लिए सेना, केंद्रीय और प्रदेश सरकारों के विभागों में रोजगार मुहैया कराने के लिए गृह मंत्रालय की 16 जनवरी 2006 की अधिसूचना को लागू करने में नाकामी का सवाल भी उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को जवाब देना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है ।