कांग्रेस में इस तरह की चर्चा है कि चर्चा के दौरान मत विभाजन से संप्रग के घटक दल द्रमुक और बाहर से सहयोग दे रही समाजवादी पार्टी को बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर सरकार का समर्थन करने में कठिनाई पैदा हो सकती है।
दोनों ही पार्टियां इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुकी हैं और इनमें से कोई भी एफडीआई के विरुद्ध वोट देता है तो सरकार के लिए यह परेशानी वाली बात होगी हालांकि इससे सरकार के अस्तित्व पर किसी तरह के खतरे की संभावना नहीं दिखाई देती।
कांग्रेस के प्रवक्ता पी सी चाको ने संवाददाताओं से कहा, खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर वोटिंग की बात कहां है? मुझे नहीं पता। नियम और परंपराएं बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। परंपरा यह है कि ऐसे मुद्दों को मत विभाजन के लिए नहीं रखा जाता।
चाको से पूछा गया था कि क्या कांग्रेस एफडीआई के मुद्दे पर भाजपा और वाम दलों की मांग के अनुरूप नियम 184 के तहत चर्चा कराने के लिए तैयार है जिसमें मत विभाजन का प्रावधान है।