गोवा में चल रहे 43 वें ईफी के लिए देसवा का चयन किया गया है। यह भोजपुरी में बनी ऐसी पहली फिल्म है जिसने इस महोत्सव में प्रवेश पाया है। यह बहुत छोटे बजट की फिल्म है।
अदाकारा से फिल्म निर्माता बनी नीतू चंद्र ने पीटीआई को बताया, हमने देसवा बनाई और भोजपुरी सिनेमा अंधेरे से निकलकर ईफी पहुंच गई। क्षेत्रीय किस्सागोई और अंतरराष्ट्रीय अपील के साथ फिल्म बनाने की मेरी अपील आखिरकार हकीकत में तब्दील होती नजर आ रही है।
उनके निर्देशक भाई नितिन चंद्र और प्रोडक्शन टीम ईफी स्क्रीनिंग को लेकर काफी खुश हैं।
नितिन ने कहा, मुझे जब ईफी से ईमेल मिला तब मुझे इस पर यकीन ही नहीं हुआ। लेकिन, मुझे लगा कि हमारी कड़ी मेहनत आखिरकार रंग ले आई।
हालांकि, टै्रफिक सिग्नल फिल्म की अदाकारा नीतू ने कहा, समकालीन भोजुपरी फिल्म सिनेमा के अश्लील और फूहड़पन का पर्यायवाची बन जाने से उन्हें दुख है।
गौरतलब है कि पिछले साल बिहार दिवस के मौके पर देसवा की स्कि्रीनिंग की गई थी। यह फिल्म चंपारण टाकीज के बैनर तली बनी है। इसकी पूरी शूटिंग बिहार में हुई है।
भाषा
नननन