मंत्रालय ने विशेष रूप से कहा है कि कीमतों में 2014 से पहले संशोधन नहीं किया जाएगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि मंत्री बदलने पर अंतर मंत्रालीय परामर्श या केंद्रीय मंत्रीमंडल अथवा मंत्री समूह के विचारार्थ भेजा गया नोट सामान्य प्रक्रिया के तहत मंत्रालय को लौट आता है। इस पर नये मंत्रियों की मंजूरी ली जानी होती है और यह सामान्य प्रक्रिया है।
उल्लेखनीय है कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने मंत्री-समूह को भेजा गया अपना वह नोट वापस ले लिया है जिसमें केजी डी6 परियोजना की गैस का दाम बढाने की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड :आरआईएल: की मांग का का विरोध किया गया था।
यह नोट वापस लेते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डा. रंगराजन की अध्यक्षता में गठित समति ईंधन मूल्यों का पहले ही परीक्षण कर रही है।
मंत्रालय ने इस विषय में गठित मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह के सदस्यों को 10 अक्तूबर को भेजे गए इस नोट में रिलायंस परियोजना की गैस का दाम अप्रैल 2014 से पहले बढाए जाने का विरोध किया था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार कंपनी ने खुद भी इस तिथि से पहले दाम बढ़ाने का आग्रह नहीं किया।