नोम पेन्ह, 18 नवंबर :भाषा: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा उनके चीनी समकक्ष वेन च्याबो के बीच कल होने वाली बैठक में व्यापार और निवेश का मामला प्रमुखता से छाये रहने की संभावना है। चीन के साथ बढ़ते व्यापार असंतुलन तथा वहां के कुछ क्षेत्रों में बाजार पहुंच नहीं होने को लेकर भारत की चिंता के बीच यह बैठक हो रही है।
वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से मिले संकेतों के अनुसार यहां आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली इस बैठक के दौरान सिंह चीन से विशेष रूप से भारत में गठित हो रहे राष्ट्रीय विनिर्माण तथा निवेश क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश का आग्रह कर सकते हैं।
आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे प्रधानमंत्री के विशेष विमान में उनके साथ यात्रा कर रहे भारतीय संवाददाताओं से शर्मा ने कहा, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। सिंह और वेन के बीच कई बैठकें हो चुकी है लेकिन यह उनकी आखिरी मुलाकात है क्योंकि चीन में नेतृत्व परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी नये नेता के हाथ में होगी।
शर्मा ने कहा कि पूर्व में भारत ने प्रधानमंत्री के स्तर पर तथा वाणिज्य मंत्री के स्तर पर व्यापार असंतुलन तथा आईटी एवं औषधि क्षेत्र में बाजार पहुंच का मुद्दा उठा चुका है। उन्होंने कहा, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि केवल यही मुद्दे हैं। हम चीन को महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा वाणिज्यिक सहयोगी मानते हैंं