भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त कुरैशी ने यह कहते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया कि उनका जमीर उन्हें पद पर बने रहने की इजाजत नहीं देता क्योंकि आईओए अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हट गया।
आईओए ने तीन बार स्थगित हो चुके चुनावों के निरीक्षण के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था लेकिन कुरैशी के इस्तीफे के बाद देश में खेल की शीर्ष संस्था को उनका विकल्प तलाशना होगा।
कुरैशी के इस्तीफे के बाद निर्वाचन अधिकारी मुख्य न्यायाधीश :सेवानिवृत्त: वीके बाली ने आज होने वाली नामांकन की समीक्षा प्रक्रिया को स्थगित कर दिया।
बाली ने कहा कि समीक्षा प्रकिया चुनाव आयोग के नये अध्यक्ष...सदस्य की नियुक्ति के बाद ही शुरू होगी।
इसके बाद काफी अजीब स्थिति पैदा हो गई है क्योंकि इसका असर 25 नवंबर को होने वाले चुनावों पर भी पड़ेगा। इन चुनावों के तय समय पर होने की संभावना कम ही है क्योंकि पूरी प्रक्रिया में विलंब हो गया है।
कुरैशी ने इस्तीफा देते हुए कहा, मैं इसकी सराहना करता हूं कि आईओए ने चुनावों के लिए स्वतंत्र समिति की नियुक्ति की। लेकिन मैं अपने पद पर बना नहीं रह सकता क्योंकि आईओए ने सरकार के खेल दिशानिर्देशों को स्वीकार किया था लेकिन अब इनका पालन नहीं करना चाहता।