बांग्लादेश की कृषि मंत्री बेगम मतिया चौधरी के साथ एक मुलाकात के दौरान जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने तीस्ता नदी पर समझौता करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भारत संबद्ध पक्षों के साथ इस मामले पर गहन विचार विमर्श कर रहा है और मामले के जल्द सुलझने के प्रति आशान्वित है।
इस संबंध में दोनो देशों के बीच होने वाला अंतरिम समझौता 15 वर्ष के लिए होगा, जिसके बाद पानी की उपलब्धता पर ताजा माप के आधार पर दीर्घ अवधि का समझौता किया जा सकता हैं
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार तीस्ता पर नदी बंटवारा समझौते का विरोध कर रही है, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पिछले वर्ष सितंबर की ढाका यात्रा के दौरान इस संधि पर दस्तख्त नहीं हो पाए थे।
पश्चिम बंगाल सरकार ढाका को उतनी मात्रा में पानी देने को तैयार नहीं है, जितनी वह मांग रहा है। समझौता न होने की दिशा में यही सबसे बड़ी बाधा है।
बैठक में तीस्ता के अलावा दोनो पक्षों ने बांग्लादेश में सिंचाई परियोजनाओं, तिपाईमुख पनबिजली परियोजना और सहयोग के अन्य मामलों पर भी विचार विमर्श किया।