एसोसिएशन आफ पावर प्रोड्यूसर्स :एपीपी: के महानिदेशक अशोक खुराना ने एक बयान में कहा, कोल इंडिया द्वारा निजी बिजली उत्पादकों के साथ किए गए भेदभाव से सार्वजनिक कंपनियों को अनुचित लाभ मिल रहा है।
एपीपी ने कहा, कोल इंडिया के ईंधन आपूर्ति समझौते का मसौदा एकतरफा है और यह राष्ट्रपति के निर्देश के मुताबिक नहीं है। एपीपी ने यह भी आरोप लगाया कि मसौदे में कई ऐसे प्रावधानों को बनाए रखा गया है जिसका उद्योग ने विरोध किया था।
एपीपी द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर बिजली सचिव पी. उमाशंकर ने कहा कि ईंधन आपूर्ति समझौता निजी और सार्वजनिक दोनों ही क्षेत्र की बिजली कंपनियों के लिए समान है।
उन्होंने कहा कि बिजली मंत्रालय ने ताप बिजली परियोजनाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले कोयले की गुणवत्ता को लेकर कोयला मंत्रालय को अपनी चिंता से अवगत करा दिया है।