| सुधारों की बहार से शेयर बाजार भी गुलजार | | सरकार ने सुधारों को रफ्तार देकर शेयर बाजार और कारोबार में नर्ई जान फूंकने की पहल की | | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली, मुंबई September 21, 2012 | | | | |
तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के बावजूद सरकार आर्थिक सुधारों को रफ्तार देने में लगी है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निवेश माहौल में सुधार लाने और निवेशकों का उत्साह बढ़ाने के लिए आज कुछ और उपायों की घोषणा की।
कंपनियों के लिए विदेशी बाजारों से कर्ज की राह आसान करते हुए चिदंबरम ने विदेशी ऋण पर विदहोल्डिंग कर 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसद कर दिया। उन्होंने राजीव गांधी इक्विटी बचत योजना को भी मंजूरी दे दी। विदहोल्डिंग कर को घटाकर 5 फीसदी करने से भारतीय कंपनियों को विदेशी ऋण कम लागत पर पड़ेगा।
राजीव गांधी इक्विटी बचत योजना के जरिये शेयर बाजार में पहली बार निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को कर रियायत के माध्यम से प्रोत्साहित किया गया है। चिदंबरम ने कहा कि राजीव गांधी इक्विटी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले निवेशकों को इक्विटी में सालाना अधिकतम 50,000 रुपये तक का निवेश करने पर निवेश रकम के 50 फीसदी हिस्से पर कर लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह वैकल्पिक वित्तीय योजना के तौर पर काम करेगी और लोगों को सोने जैसे निष्क्रिय निवेश के बदले निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके जरिये खुदरा निवेशक शेयर बाजार से सीधे जुड़ सकेंगे। सरकार ईटीएफ और म्युचुअल फंड को भी इसमें शामिल करने पर विचार कर रही है। हालांकि यह योजना नए खुदरा निवेशकों के लिए होगी, जिनकी पहचान पैन नंबर के आधार पर की जाएगी। ऐसे निवेशक जिन्होंने डीमैट खाता तो खुलवाया है, लेकिन अब तक निवेश नहीं किया है, वे भी इसके दायरे में आएंगे। योजना के तहत कर लाभ के लिए तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी। हालांकि एक साल बाद शेयरों की खरीद-बिक्री की अनुमति होगी।
विदेशी ऋण पर विदहोल्डिंग कर के बारे में चिदंबरम ने कहा कि आयकर अधिनियम 1961 में उचित संशोधन किया जाएगा जिसके तहत प्रवासी निवेशकों को ब्याज से होने वाली आय पर लगने वाला कर 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जाएगा।
जेम्स ऐंड ज्वैलरी निर्यातकों को आंशिक राहत देते हुए सरकार ने टॉप्स, चैन और लौंग जैसे आभूषमों में इस्तेमाल गोल्ड फाइंडिंग्स पर आयात शुल्क मौजूदा 10 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है और यह तत्काल लागू हो गया है। गोल्ड फाइंडिंग्स का इस्तेमाल आभूषणों में होता है।
सब्सिडी वाले सिलिंडर की आपूर्ति साल में 6 तक सीमित करने के बाद सरकार ने बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर के दाम में उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इन पर उत्पाद एवं सीमा शुल्क समाप्त कर दिया। चिदंबरम ने राज्यों से भी कहा कि वे उपभोक्ताओं के हित में एलपीजी सिलिंडर पर सब्सिडी दें। 5 फीसदी सीमा शुल्क और 8 फीसदी उत्पाद शुल्क समाप्त होने के बाद दिल्ली में उपभोक्ताओं को प्रति सिलिंडर 895 के बजाय 798 रुपये अदा करने होंगे। दिल्ली में सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर फिलहाल 399 रुपये में मिलता है।
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