| फिर बढ़ेगा आपकी जेब पर बोझ | | डीजल कीमतों में वृद्घि और एलपीजी इस्तेमाल पर बंदिश लगने से कुल बजट में 10-15 फीसदी तक हो सकता है इजाफा | | | तानिया किशोर जलील और प्रिया नायर / मुंबई September 19, 2012 | | | | |
भले ही शेयर बाजार ने सरकार की सुधार प्रक्रिया का स्वागत किया है, लेकिन उपभोक्ताओं को इस त्योहारी सत्र में कुछ अधिक खर्च करने की जरूरत होगी। केंद्र सरकार के इन सुधारों - डीजल कीमतों में 5 रुपये तक वृद्घि, एक साल में छह एलपीजी सिलिंडर की सीमा- से पारिवारिक बजट बिगड़ेगा। चार सदस्यों वाले परिवार द्वारा प्रति वर्ष नौ सिलिंडरों के इस्तेमाल पर सालाना 1,000 रुपये अधिक चुकाने की जरूरत होगी। यदि आपके पास डीजल कार है तो आपके मासिक बजट पर 700-800 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा त्योहारी सत्र में किराना पर होने वाला खर्च तो निश्चित रूप से बढ़ेगा ही। डीजल कीमतों में वृद्घि के बाद मालभाड़ा किराया बढऩे से भी आपका बजट बिगड़ेगा।
मालभाड़ा बढ़ाने के ट्रांसपोर्टरों के फैसले से हालात और बदतर होने की आशंका है। अनुमानित रूप से एक वर्ष से वेतन में वृद्घि नहीं हुई है या फिर इसमें मामूली बढ़ोतरी हुई है, बोनस की राह भी कठिन है और रोजगार की सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। ऐसे में मजबूर उपभोक्ता की जेब पर एक और चोट लगेगी। केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस कहते हैं कि इस प्रभाव की मात्रा लोगों द्वारा एलपीजी के इस्तेमाल पर भी निर्भर करेगी। कुल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं में से लगभग 44 फीसदी सालाना छह सिलिंडर या इससे कम इस्तेमाल करते हैं जो इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।
डीजल कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्घि की गई है। मान लीजिए कि आपकी डीजल कार 12 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है और आप प्रतिदिन (रविवार शामिल नहीं) लगभग 54 किलोमीटर की यात्रा करते हैं। तो कीमत वृद्घि से पहले जहां आप महीने में 46.25 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 5,203 रुपये का डीजल भराते थे वहीं अब आपका यह खर्च 52.45 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 5900 रुपये होगा जो 13 फीसदी की वृद्घि है। मुश्किल यहीं समाप्त नहीं हो जाती है। यह तो सिर्फ कार्यालय जाने के लिए तेल पर होने वाला खर्च है, हमने इसमें सप्ताहांत दौरे या बाजार जाने के लिए गाड़ी के इस्तेमाल को शामिल नहीं किया है।
कोटक महिंद्रा प्राइम में निदेशक सुमित बाली कहते हैं कि इसके अलावा डीजल कारों की कीमत पेट्रोल कारों की तुलना में अधिक होती है। जिन लोगों के पास लक्जरी या हाई एंड कार है वे ब्रांडेड डीजल का इस्तेमाल करते हैं जो सामान्य डीजल की तुलना में कुछ अधिक महंगा है। सब्जियों, फलों और खाद्य तेलों की कीमतों में भी जल्द ही बढ़ोतरी होने की संभावना है। वाशी स्थित एपीएमसी फ्रूट मार्केट में उप सचिव डीजी मकोडे कहते हैं कि मालभाड़ा दरें बढऩे के बाद फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि माल ढुलाई लागत बढऩे से कितने फीसदी की वृद्घि होगी। एपीएमसी में उप सचिव (वेजीटेबल्स) अविनाश पाटिल कहते हैं कि डीजल कीमतों में वृद्घि की वजह से सब्जियों की खुदरा कीमतों में कितनी वृद्घि होगी, संबद्घ इलाकों पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, दादर या सांता क्रूज की तुलना में दक्षिण मुंबई में कीमतें अधिक हो सकती हैं, क्योंकि दक्षिण मुंबई में सब्जियों की ढुलाई लागत अधिक आएगी। इसलिए आपको अपने खर्च को लेकर हर तरह से सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
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