| आवंटन रद्द वाले ब्लॉक हासिल करेगी कोल इंडिया | | प्रबल बसाक और शाइन जैकब / कोलकाता September 18, 2012 | | | | |
कोयला घोटाले से संबंधित 7 निजी (कैप्टिव) कोयला ब्लॉकों के आवंटन रद्द होने के साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड ने आवंटन रद्ïद किए जाने वाले कोयला ब्लॉकों को हासिल करने की इच्छा जताई है। कंपनी ने कहा है कि इन ब्लॉकों से उत्पादन शुरू करने के लिए वह कार्य योजना तैयार करेगी।
कोल इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस नरसिंह राव ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'हम इन ब्लॉकों को हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं। यदि कोल इंडिया इन ब्लॉकों को हासिल कर लेती है तो हम सबसे पहले एक कार्य योजना तैयार करेंगे। इन ब्लॉकों से उत्पादन शुरू करने के लिए कोल इंडिया पूरी तरह तैयार है।' कंपनी की सालाना आम बैठक में भाग लेने के बाद राव ने स्पष्ट किया, 'इस मुद्दे पर फिलहाल केंद्र से कोई आश्वासन नहीं मिला है। यह हमारा मानना है कि हम इनमें से अधिकांश कोयला ब्लॉक हासिल करेंगे।'
कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच कर रहा अंतर मंत्रालय समूह (आईएमजी) ने अब तक 7 कोयला ब्लॉकों के आवंटन रद्ïद करने की सिफारिश की है। इसमें कस्ट्रोन माइनिंग को आवंटित ब्रह्मïदीन ब्लॉक, फील्डमाइनिंग ऐंड इस्पात को आवंटित चिनोरा और वारोरा (दक्षिण) ब्लॉक, डीओएमसीओ स्टेनलेस फ्यूल्स को आवंटित लालगढ़ (उत्तर) ब्लॉक और जेएसडब्ल्यू स्टील को आवंटित गौरांगडीह ब्लॉक शामिल हैं। इस बीच, कोयला मंत्रालय ने दो अन्य ब्लॉकों का आवंटन रद्द कर दिया है, जिसमें एसकेएस इस्पात को आवंटित रावांगवाड़ा उत्तर और भूषण स्टील को आवंटित नई पात्रापाड़ा शामिल है।
राव ने कहा, 'हमें यह देखना होगा कि इन ब्लॉकों में उत्खनन हुआ है या नहीं। यदि उत्खनन हो चुका है और मंजूरी मिल चुकी है तो हम आगे बढ़कर उत्पादन शुरू कर सकते हैं। अन्यथा उत्खनन में थोड़ा वक्त लगेगा और फिर मंजूरियां हासिल करने में भी समय लग सकता है। इसलिए हम एक कार्य योजना तैयार करना चाहते हैं।' कोल इंडिया का कहना है कि उसने इस सभी ब्लॉकों को खारिज नहीं किया था, बल्कि विशेष समयावधि में उत्पादन शुरू करने में असमर्थता जताई थी।
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