| अमेरिका में इन्फोसिस के कारोबार पर दबाव | | प्रदीश चंद्रन / बेंगलूर September 18, 2012 | | | | |
देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस ने कहा है कि उत्तरी अमेरिका में ग्राहकों द्वारा बजट सीमित करने के साथ ही उसे युटिलिटी कारोबार पर दबाव पडऩे की आशंका थी। वित्त वर्ष 2013 की पहली तिमाही में यूरोप में इन्फोसिस की ऊर्जा और युटिलिटी क्षेत्र की एक परियोजना रद्ïद हो गई थी जिससे उसे एकमुश्त 1.5 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था।
इन्फोसिस के वैश्विक प्रमुख (ऊर्जा, युटिलिटी, संचार और सेवा) त्रिकुटम प्रसाद ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'उत्तरी अमेरिका में युटिलिटी कारोबार पर हमें काफी दबाव दिख रहा है और यह इस बाजार में हमारे राजस्व को प्रभावित कर सकता है।अमेरिकी अर्थव्यवस्था के दबाव में आने के साथ ही उत्तरी अमेरिका की अधिकांश युटिलिटी कंपनियां दबाव में आ गई हैं और वे अपनी दरें बढ़ाने में असमर्थता जता रही हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका में जारी आर्थिक अनिश्चितता के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों ने अपनी निवेश योजनाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
त्रिकुटम ने कहा, 'अमेरिका में हमारे अधिकांश युटिलिटी ग्राहक सरकारी क्षेत्र से हैं और देश में नौकरी की स्थिति में सुधार न होने के बावजूद विदेश से सेवाएं लेना लोगों की धारणा के खिलाफ होगा।' लेकिन यूरोप में दबाव के बावजूद कंपनी ऊर्जा और युटिलिटी कारोबार में वृद्धि होने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा, 'लागत में कटौती करने के लिए कंपनियां विदेशी सेवाएं लेने पर विचार कर रही हैं।'
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