| सुधार से बाजार में जारी रहेगी तेजी की बयार! | | समी मोडक / मुंबई September 16, 2012 | | | | |
सरकार की ओर से सुधारों को रफ्तार दिए जाने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन बेन बर्नान्के के कदम से बाजार में एक बार फिर तेजी लौटने की उम्मीद है। घरेलू बाजार में शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी 14 माह के उच्च स्तर पर बंद हुए। खुदरा और विमानन क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के फैसले से इस हफ्ते भी बाजार में तेजी का रुख देखा जा सकता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि सोमवार को बाजार तेजी के साथ खुल सकता है।
ऐंबिट कैपिटल के इक्विटी प्रमुख सौरभ मुुखर्जी ने कहा, 'लघु अवधि में बाजार में तेजी देखी जा सकती है। सोमवार को बाजार करीब 2 फीसदी तक चढ़ सकता है और सेंसेक्स जल्द ही 19,000 के स्तर को छू सकता है।' हालांकि मुखर्जी का कहना है कि फिलहाल सेंसेक्स के 20,000 के स्तर को छूने की उम्मीद नहीं है क्योंकि विनिवेश और शेयर बिक्री से काफी धन बाहर निकल जाएगा। डीजल की कीमतों में इजाफे से इस बात की उम्मीद जगी है कि सोमवार को मौद्रिक समीक्षा में आरबीआई दरों में कटौती कर सकता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कारोबार प्रमुख (निजी ब्रोकिंग और पूंजी प्रबंधन) वी के शर्मा ने कहा, 'आरबीआई ने कहा था कि सरकार को राजकोषीय घाटे को कम करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। अब सरकार ने डीजल कीमतों में इजाफा कर दिया है तो हम आरबीआई से दरों में कटौती की उम्मीद करते हैं।'
ब्रोकिंग कंपनी ने अपने ग्राहक नोट में कहा है कि निफ्टी आने वाले हफ्ते में 5,630 के स्तर पर पहुंच सकता है। डेलटन कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक यू आर भट्टï ने कहा, 'अब बाजार की नजरें सरकार पर टिकी हैं कि अगला सकारात्मक कदम किस दिशा में उठाया जाता है। बाजार में हालिया तेजी सकारात्मक खबरों के चलते आई है लेकिन लंबी अवधि में केवल खबरों के आधार पर बाजार में तेजी का रुख कायम नहीं रह सकता।'
हालांकि बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दिए जाने पर सरकार की सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस ने अपना विरोध जताया है, जिससे निवेशकों का उत्साह ठंडा पड़ सकता है।
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