पुलिस महानिदेशक ने कहा, हालांकि, राज्य में इस साल अभी तक आतंकवाद से जुड़ी सिर्फ 100 घटनाएं दर्ज की गई हैं जबकि पिछले साल 190 घटनाएं दर्ज की गई थी।
प्रसाद ने यहां संवाददाताओं को बताया, 230 से 250 आतंकवादी जम्मू कश्मीर में सक्रिय हैं और इस साल आतंकवाद से जुड़ी 100 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 2011 में आतंकवाद से जुड़ी 190 घटनाएं दर्ज की गई थी जबकि राज्य में 2010 में 368 घटनाएं दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया, यह साधारण तथ्य से जाहिर होता है...यदि इस साल 100 आतंकवादी सक्रिय हैं तो करीब 150 आतंकवादियों ने एक साल में कुछ नहीं किया...शेष 100 आतंकवादियों में प्रत्येक ने साल में एक घटना को अंजाम दिया।
पुलिस महानिदेशक ने राजधानी स्थानांतरित होने के बाद कार्य शुरू करने पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और पुलिस मुख्यालयों का दौरा किया।
पुलिस महानिदेशक ने कहा, आतंकवादियों के सक्रिय रहने और उनके प्रभाव छोड़ने के संदर्भ में आप खुद से आंकलन कर सकते हैं लेकिन हमारा मानना है कि हम सीमा के इस पार हालात पर काबू पाने में कामयाब रहे हैं।
उन्होंने कहा, जहां तक सुरक्षा हालात की बात है श्रीनगर और जम्मू, दोनों स्थानों पर विस्तृत समीक्षा की जा रही है।
अधिकारी ने बताया कि जम्मू क्षेत्र में 25 से 30 आतंकवादी सक्रिय हैं।