| पटना में आज लगेगा दिग्गजों का जमावड़ा | | बीएस संवाददाता / पटना September 14, 2012 | | | | |
पटना में शनिवार को उद्योग जगत के दिग्गजों को जमावाड़ा लगने वाला है। दरअसल, ये दिग्गज बिहार राज्य औद्योगिक विकास सलाहकार परिषद की पहली बैठक में राज्य सरकार को विकास के गुर सिखाएंगे। इस बैठक में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और ऊर्जा के विकास पर खास चर्चा होगी।
राज्य सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में वेदांत समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष दीपक पारेख, ब्रिटानिया की प्रबंध निदेशक विनीता बाली, भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी, इन्फोसिस के अध्यक्ष के वी कामत, सेबी के अध्यक्ष यू के सिन्हा और बॉस्टन कन्सल्टिंग ग्रुप के अध्यक्ष (एशिया-प्रशांत) जे सिन्हा इस बैठक में हिस्सा लेंगे। साथ ही, उद्योग जगत की कई अन्य नामी हस्तियां भी इस बैठक में हिस्सा लेने वाली हैं। इस बैठक में मुख्य रूप से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा होगी। इस बारे में कामत एक प्रस्तुतीकरण भी देंगे। इसमें वह बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों के बारे में भी चर्चा करेंगे। इस बारे में उद्योग विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'इसमें मुख्य रूप से सड़क और बिजली के क्षेत्र पर चर्चा होगी। सड़क के मामले में बिहार ने खासी तरक्की की है। हालांकि, बिजली के मामले में अभी काफी कुछ हासिल करना है। इसीलिए उनके सुझाव हमारे लिए काफी अहम होंगे।'
दूसरी तरफ, इस बैठक में बिहार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने पर भी चर्चा होगी। वहीं, राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों को भी इन उद्योगपतियों के सामने रखेगी। साथ ही, उनसे इस बारे में आगे की राह के बारे में सुझाव मांगेगी। उद्योग विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस बारे में खासतौर पर भूमि प्रबंधन और बिजली के क्षेत्र में उद्योगपतियों से सुझाव मांगे जाएंगे। दरअसल, इस वक्त राज्य सरकार के पास 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। हालांकि, जमीन पर महज 4-5 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। जमीन और बिजली की कमी की वजह से ज्यादातर निवेशक राज्य से दूर हैं।
वैसे, राज्य के कारोबारी संगठन इस बैठक को लेकर काफी उत्साहित हैं। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष ओ पी साह ने बताया, 'राज्य सरकार ने यह काफी अच्छा कदम उठाया है। इससे राज्य के बारे में बड़ी कंपनियों के मन में जो भ्रांतियां हैं, वे दूर होंगी। साथ ही, वे राज्य के विकास से रूबरू हो पाएंगी।' वहीं, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष के पी एस केसरी ने बताया, 'इससे स्थानीय और राष्ट्रीय उद्यमियों के बीच एक अच्छा संवाद कायम हो पाएगा। इससे हमें बेहतर विचार को जानने का मौका मिलेगा।' इस परिषद का गठन राज्य सरकार ने बीते महीने किया था।
|