| सुधार से बाजार में भी आई बहार | | बीएस संवाददाता / September 14, 2012 | | | | |
डीजल के दाम में बढ़ोतरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से तीसरे दौर की मात्रात्मक (नकदी)सहजता (क्यूई 3) से देसी शेयर बाजार 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मल्टी-ब्रांड रिटेल और विमानन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देने के बाद अगले हफ्ते बाजार में और तेजी आएगी। अमेरिका में मौद्रिक सहजता के कारण भी देसी बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ेगा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स आज 443 अंक की तेजी के साथ 18,464.27 पर बंद हुआ, जो 26 जुलाई 2011 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 142 अंक चढ़कर 5577.65 पर बंद हुआ। बीएसई के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार आज दिनभर के कारोबार के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बाजार से 2,833 करोड़ रुपये मूल्य के
शेयर खरीदे।
सेंट्रम वेल्थ मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी जी चोकालिंगम ने कहा, 'यह खासी तेजी की शुरुआत है। रुपये में आई जबरदस्त तेजी के बाद एफआईआई देसी बाजारों में ज्यादा निवेश करेंगे। हमें उम्मीद है कि अगले साल मार्च तक बाजार 21000 तक
पहुंच जाएगा।'
डॉलर के मुकाबले रुपया 2 फीसदी तेजी के साथ आज चार महीने के उच्चतम स्तर 54.31 पर बंद हुआ। यह पिछले दो महीने के दौरान रुपये में एक दिन में आई सबसे ज्यादा तेजी है। यूरो मजबूत होने से भी रुपये को बल मिला।
इसके साथ ही सोने और चांदी जैसे कीमती जिंस भी 6 महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। लंदन मेटल एक्सचेंज पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोना 1,777.95 डॉलर प्रति औंस और चांदी 34.67 डॉलर प्रति औंस था। तांबा चार महीने के उच्चतम स्तर 8,400.5 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ।
एएमपी कैपिटल के प्रमुख (निवेश रणनीति) शेन ऑलिवर ने कहा, 'इससे वैश्विक मंदी के दोबारा आने की आशंका घट गई है और अगले साल बेहतर विकास की उम्मीद जगी है। उम्मीद है कि इससे वैश्विक बाजारों में आई तेजी जारी रहेगी।'
एशियाई देशों मसलन जापान, हॉन्ग कॉन्ग और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक 1.5 से 2 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए।
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