मोकामेल की यह फिल्म करीब एक घंटे की है। यह भारतीय उपमहाद्वीप की उस पहली महिला हरिप्रोवा :बसु मलिक: ताकेदा के जीवन के बारे में है जो एक जापानी उद्यमी से विवाह के बाद वहीं रहती है लेकिन अपनी अंतिम सांस पश्चिम बंगाल में आ कर लेती है।
ढाका में जन्मी हरिप्रोवा का विवाह जापानी उद्यमी वेमोन ताकेदा से होता है और वह 1912 में तोक्यो चली जाती है। वहां वह दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस की इंडियन नेशनल कांग्रेस के लिए बांग्ला में समाचार वाचक के तौर पर काम करती है।
वह अपने जापान दौरे की स्मृतियों को बोन्गे महिलार जापान जातरा के रूप में किताब की शक्ल देती है। इस किताब को भारतीय उप महाद्वीप की किसी महिला द्वारा जापान पर लिखी पहली किताब माना जाता है। किताब का प्रकाशन ढाका से 1915 में हुआ था।
इस फिल्म महोत्सव में मोकामेल की द जैपनीज वाइफ के अलावा ए टेल ऑफ द जमुना रिवर भी दिखाई जाएगी। यह फिल्म जमुना नदी की धारा की उस दिशा के बारे में है जहां उससे पद्मा नदी आ कर मिलती है।