द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, मुझे मिली जानकारी के अनुसार केंद्र ने कहा है कि तमिलनाडु में उन्हें प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा और यह कहीं और संपन्न होगा। मेरा कहना है तमिलनाडु भी भारत है।
इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के विरोध की भी उन्होंने याद दिलाई।
अन्नाद्रमुक और द्रमुक सहित तमिलनाडु में राजनीतिक पार्टियों ने राज्य में श्रीलंकाई सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया जिसके बाद यहां प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को दूसरी जगह भेज दिया गया।
केंद्र ने इससे पहले कहा था कि श्रीलंका के रक्षाकर्मियों को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण जारी रहेगा क्योंकि वह एक मित्र देश है।