| खरीफ का रकबा सामान्य से 1.25 लाख हेक्टेयर कम | | बीएस संवाददाता / नई दिल्ली August 19, 2012 | | | | |
दक्षिण पश्चिम मॉनसून में अचानक आई तेजी से पूर्वी, पश्चिमी और कुछ हद तक देश के उत्तरी इलाके के किसानों को धान, मोटे अनाज और तिलहन की बुआई में मदद मिली है। इसके परिणामस्वरूप 17 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल रकबा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सामान्य (पिछले पांच साल का औसत) से महज 1.25 लाख हेक्टेयर कम रह गया है।
अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून में फिर से तेजी आने का सबसे ज्यादा फायदा धान को मिला है, जिसका रकबा 16 अगस्त तक सामान्य के मुकाबले 17.1 लाख हेक्टेयर ज्यादा हो गया। पूर्वी भारत में अपर्याप्त बारिश के चलते 16 अगस्त के महज एक हफ्ते पहले धान का रकबा सामान्य के मुकाबले करीब 8 लाख हेक्टेयर कम था।
हालांकि छह-सात दिनों (9 से 15 अगस्त के बीच) में स्थिति सुधरी है और दक्षिण पश्चिम मॉनसून झारखंड में सामान्य से करीब 30 फीसदी कम रहा जबकि पश्चिम बंगाल में सामान्य से 32 फीसदी कम। ये दोनों क्षेत्र धान उत्पादक इलाके हैं।
कृषि विभाग के मुताबिक, 27 जुलाई से 16 अगस्त के बीच धान के रकबे में 61 फीसदी की भारी भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि मोटे अनाज का रकबा 34.4 फीसदी बढ़ा है, तिलहन के रकबे में 16 फीसदी और दलहन के रकबे में 35.4 फीसदी की उछाल आई है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि करीब 20 दिन में रकबे में भारी उछाल आई है।
उन्होंने कहा कि अगर यह रुख अगस्त के आखिर तक जारी रहता है तो मोटे अनाज, दलहन और धान के रकबे में आई ज्यादातर कमी की भरपाई हो जाएगी। मोटे अनाज और दलहन की बुआई मोटे तौर पर तब होती है जब बारिश में कमी होती है। अधिकारी ने कहा कि ऐसे में हमें उम्मीद है कि जिन इलाकों में बुआई का रकबा सामान्य से कम रहा है वहां के किसान मोटे अनाज और दलहन की बुआई शुरू करेंगे क्योंकि इन फसलों में कम पानी की दरकार होती है।
16 अगस्त को मोटे अनाज और दलहन का रकबा सामान्य के मुकाबले क्रमश: 30 व 11.6 लाख हेक्टेयर कम था। पिछले कुछ हफ्तों में दक्षिण पश्चिम मॉनसून की बारिश में कमी 21 फीसदी से घटकर 18 अगस्त तक महज 16 फीसदी रह गई है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि सितंबर में कितनी अच्छी बारिश होती है क्योंकि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर महीने में बारिश अगस्त के मुकाबले कम होगी।
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