| निवेशकों के लिए नियामक व्यवस्था जरूरी : मोइली | | भाषा / नई दिल्ली August 08, 2012 | | | | |
सरकार ने आज कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी और अनियमितताओं से निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए नियामक व्यवस्था जरूरी है। कंपनी मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा, 'हम जानते हैं कि कंपनियों के संचालन को सुधारने की हमारी सक्रियता के चलते कंपनी जगत में कई बार गलतफहमी हो जाती है। इस बात में कोई शक नहीं है कि हमें लचीलेपन, स्वायत्तता और उद्यम को प्रभावित किए बिना एक नियामक व्यवस्था की जरूरत है।'
उन्होंने कहा कि कंपनी मामलों के मंत्रालय का यह दायित्व है कि वह लाखों निवेशकों को कंपनियों की वित्तीय धोखाधड़ी तथा कंपनी संचालन में गड़बड़ी के साथ साथ कारोबारी अनियमितता से होने वाले नुकसान से उनके हितों की रक्षा करे। मोइली ने कहा कि अब कंपनियों की वृद्धि सिर्फ आमदनी में इजाफा नहीं है। इसका दायरा व्यापक हो चुका है। इसमें सामाजिक दायित्व, बेहतर संचालन व्यवस्था तथा स्थायित्व शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनियों की बेहतर संचालन व्यवस्था इस बात से देखी जाती है कि कंपनियां अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों को किस तरह निभाती हैं। इससे ही सामाजिक दायित्व और कंपनियों की निरंतरता का आधार खड़ा होता है और उस पर चलते हुए जिम्मेदार संचालन व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सभी स्तरों पर संस्थागत सुधारों तथा क्षमता निर्माण की जरूरत है।
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