नियामक के दबाव के बाद निवेश बैंकरों के संगठन इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (एआईबीआई) ने अपने सदस्यों द्वारा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने वाली किसी कंपनी का आकलन (ड्यू डिलिजेंस) किए जाने के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
जानकार निवेश बैंकरों के नियमन संबंधी दिशानिर्देश कड़े बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। वर्ष 2008 के बाद कई आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) विवाद के साए में आए हैं। बीएस रिसर्च ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार 2008 के बाद से बाजार में करीब 173 आईपीओ आए हैं जिनमें लगभग 80 प्रतिशत अपने निर्गम मूल्य से नीचे कारोबार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कंपनियों से पैसा निकालने के मामले में कई प्रवर्तक और धांधली करने वाले जांच के दायरे में हैं।
एक समान आकलन प्रक्रिया लाने का मकसद निवेशकों के हितों की सुरक्षा करनी है और पूंजी बाजार में कदम रखने वाली कंपनियों की गुणवत्ता में सुधार करना है।
इस बारे में एआईबीआई ने कहा, 'यह मैनुअल विल निवेश बैंकरों के लिए मानक शर्तें तय करेगा जिससे जारीकर्ता और निवेश बैंकरों की साख पुख्ता करने में मदद मिलेगी।'
नए दिशानिर्देश इस तरह तैयार किए गए हैं जिनसे निवेश बैंकरों को मसौदा पेशकश पत्र तैयार करते समय अर्थपूर्ण खुलासे करने में मदद मिलेगी। निवेश बैंकरों की जांच के समय यह सेबी के अधिकारियों के लिए संदर्भ बिंदु के तौर पर भी काम करेगा। सही खुलासे से निवेशकों को एक बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
एआईबीआई ने जो शर्तें तैयार की हैं उसके तहत कागजात के भौतिक सत्यापन, क्रॉस चेक और ठोस सबूत पर जोर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर मर्चेट बैंकरों को जारीकर्ता कंपनी के कर्मचारियों को फोन करने, प्रवर्तकों के पिछले रिकॉर्ड की जांच और रेटिंग ऐजेंसी सिबिल के साथ उनके प्रोफाइल की जांच की सलाह दी जाती है।
एआईबीआई के वायस चेयरमैन मधु प्रसाद ने कहा, 'इसे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मर्चेंट बैंकर कंपनियों का सही आकलन करते वक्त एक समान नियम का पालन करेंगे। इस समय हरेक संगठन में आकलन प्रक्रिया अलग-अलग होती है।'
सेबी की आचार संहिता के तहत बैंकरों को कंपनी के मूल्यांकन की जांच करने के लिए तो कहा जाता है लेकिन यह किसी मानदंड पर खरा नहीं उतरता है।
आकलन प्रक्रिया में मर्चेट बैंकर जारीकर्ता कंपनी के बारे में अहम सूचनाएं जुटाते हैं जिसकी जानकारी पेशकश पत्र में दी जाती है। कई माममलों में कंपनियों की विवरणिका में प्रकाशित आंकड़े गलत और गुमराह करने वाले रहे हैं।
Business Standard Ltd. Copyright & Disclaimer
feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on
"as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your
financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all
the information prior to taking any investment decision.
While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock
price data, neither Business Standard Limited, www.business-standard.com nor any
independent service provider is/are liable for any information errors,
incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on
information contained herein.