| 'बिहार में रबी फसलों की तैयारी शुरू' | | एजेंसी / नई दिल्ली August 07, 2012 | | | | |
कमजोर मॉनसून की स्थिति के बीच बिहार में अभी से रबी मौसम की फसलों के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य में विकास आयुक्त नियमित आधार पर मौजूदा स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार में कृषि सलाहकार डा. मंगला राय ने यह जानकारी दी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व महानिदेशक डा. राय ने बताया, 'प्रदेश में विकास आयुक्त दैनिक आधार पर तथा मुख्य सचिव साप्ताहिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।' मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी तीन बैठकें कर चुके हैं और तीसरी बैठक 4 अगस्त को हुई।
राय ने बताया कि बिहार में इस बार किसी ब्लॉक में पर्याप्त बारिश हुई है तो कुछ ब्लाक की स्थिति भिन्न है। यहां पांच जिलों में सामान्य बारिश हुई है तो 12 जिलों में कम बारिश हुई है। जहां ठीक ठाक बारिश हुई है वहां भी ब्लॉक स्तर पर बारिश के स्तर में भिन्नता है। उन्होंने कहा कि बारिश की अलग अलग स्थितियों के अनुरूप रणनीति बनाकर वहां तोरिया, लोबिया, सूरजमुखी इत्यादि जैसी फसलों की बुआई पर जोर दिया गया है विशेषकर उन स्थानों पर जहां धान की बुआई नहीं की गई है।
रॉय ने बताया कि सितंबर में भी मॉनसून के कमजोर रहने की संभावना को देखते हुए हुए राज्य सरकार रबी सत्र के लिए अभी से योजना तैयार करने में लगी है तथा अल्प अवधि वाली फसलों, बीजों, उवर्रकों का पर्याप्त इंतजाम कर रही है। कमजोर मॉनसून और बारिश के असमान वितरण की स्थिति के मद्देनजर इससे पूर्व 13 जुलाई को एक बैठक हुई।
उन्होंने कहा बैठक में ग्रामीण इलाकों में छह से आठ घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति का फैसला किया गया। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खराब बिजली फीडर या ट्रांसफार्मर की यथाशीघ्र मरम्मत की जाए अथवा उसे बदल दिया जाए। मंगला राय ने बताया कि किसानों को डीजल पर 20 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जा रही है। इस फैसले पर 16 जुलाई से अमल शुरु कर दिया गया है। किसानों को डीजल सब्सिडी जल्दी देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि समय रहते किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि राज्य में नहर और ट्यूबवेल पूरी क्षमता से चलाने को भी प्राथमिकता दी गई है।
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