| स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए सरकार को चाहिए और वक्त | | भाषा / नई दिल्ली August 07, 2012 | | | | |
सरकार स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उच्चतम न्यायालय से नवंबर तक का समय मांग सकती है। सूत्रों ने कहा कि स्पेक्ट्रम की नीलामी का काम कराने के लिए चुनी गई कंपनी ने जो कार्यक्रम दिया है उसके मुताबिक नीलामी की प्रक्रिया नवंबर के प्रारंभ में ही शुरू हो सकती है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, 'स्पेक्ट्रम की नीलामी सिर्फ नवंबर के प्रारंभ में शुरू हो सकती है। उच्चतम न्यायालय से इसी के अनुरूप समय मांगा जाएगा।'
दूरसंचार पर अधिकार प्राप्त मंत्री समूह की आज हुई बैठक में स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए उच्चतम न्यायालय से और समय मांगने का फैसला किया गया। उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया 31 अगस्त तक पूरी की जानी है।
अधिकार प्राप्त मंत्री समूह की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, 'नीलामी कराने वाले कंपनी ने हमें इसका कार्यक्रम दे दिया है। हम उच्चतम न्यायालय के संपर्क कर अभी तक सरकार द्वारा की गई प्रक्रिया के तथ्य रखेंगे। स्पेक्ट्रम की नीलामी 31 अगस्त तक कराना संभव नहीं है।'
उच्चतम न्यायालय ने इसी साल 2 फरवरी को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में दिए गए 2जी मोबाइल सेवाओं के 122 लाइसेंस रद्द कर दिए थे। शीर्ष अदालत ने सरकार को खाली हुए स्पेक्ट्रम की नीलामी 31 अगस्त तक संपन्न करने का निर्देश दिया था। साथ ही अदालत ने रद्द लाइसेंसों की वैधता अवधि 7 सितंबर तक बढ़ा दी थी। सिस्तेमा श्याम, यूनिनॉर तथा वीडियोकॉन जैसी कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी काफी महत्वपूर्ण है। उनके लिए अपने परिचालन को जारी रखने के लिए स्पेक्ट्रम हासिल करना जरूरी है।
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