| लार्सन ऐंड टुब्रो: मजबूत परिदृश्य से मिलेगी ताकत | | जितेंद्र कुमार गुप्ता / August 06, 2012 | | | | |
लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे हैं और यही वजह है कि सोमवार को इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 3 फीसदी तक लुढ़क गया। हालांकि परिचालन मुनाफा मार्जिन में गिरावट आई है, लेकिन शेयर गिरावट की कुछ हद तक भरपाई करने में सफल रहा है। हालांकि राजस्व में वृद्घि और ऑर्डर प्रवाह के संदर्भ में वित्तीय परिणाम विश्लेषकों की उम्मीद से थोड़ा बेहतर ही रहा है जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी का अल्पावधि परिदृश्य मजबूत बना हुआ है।
मजबूत ऑर्डर प्रवाह, ऑर्डर बुक (1,53,095 करोड़ रुपये पर) और मजबूत निष्पादन से संकेत मिलता है कि एलऐंडटी का अल्पावधि परिदृश्य शानदार बना हुआ है। 1375 रुपये के मौजूदा स्तर पर इस शेयर का मूल्यांकन उचित है। यदि बुनियादी ढांचा खंड में पहलों को नियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जाता है तो अपनी विविध मौजूदगी और मजबूत बैलेंस शीट को देखते हुए यह कंपनी इसका अच्छा लाभ उठा सकती है।
पहली तिमाही
मजबूत ऑर्डर बुक और परियोजनाओं के तेज निष्पादन की वजह से राजस्व वृद्घि बाजार अनुमान की तुलना में अधिक रही है। जून 2012 की तिमाही के दौरान 11,955 करोड़ रुपये पर राजस्व सालाना आधार पर 26 फीसदी अधिक है और यह 10,800-11,300 करोड़ रुपये के बाजार अनुमान से ज्यादा है।
कंपनी का इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन (ईऐंडसी) सेगमेंट 29 फीसदी तक की वृद्घि दर्ज करने में सफल रहा है जबकि उसके दो अन्य व्यवसायों- इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स (ईऐंडई) और मशीनरी एंड इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स (एमआईपी) ने धीमी राजस्व वृद्घि दर्ज की है। कुल औद्योगिक पूंजीगत खर्च में सुस्ती की वजह से इन खंडों की राजस्व वृद्घि की रफ्तार धीमी रही है।
हालांकि परिचालन स्तर पर एबिटा मार्जिन 279 आधार अंक तक घट कर 9.1 फीसदी रह गया जो जून 2011 की तिमाही में 11.9 फीसदी पर था। केआर चोकसी में इस कंपनी पर नजर रखने वाले चिन्मय गान्द्रे कहते हैं, 'कंपनी को 267 करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा नुकसान हुआ जिसमें अन्य खर्च शामिल हैं। 267 करोड़ रुपये में से 160 करोड़ रुपये की रकम ऋण देनदारी पर मार्क-टु-मार्केट नुकसान से संबद्घ है। समायोजित आधार पर एबिटा मार्जिन 11.3 फीसदी पर है।'
विदेशी मुद्रा नुकसान के समायोजन के संदर्भ में मार्जिन समीक्षाधीन तिमाही के 11.9 फीसदी के परिचालन मार्जिन की तुलना में कुछ कम है। इस नुकसान के बावजूद एलऐंडटी का शुद्घ लाभ 16 फीसदी की वृद्घि के साथ 864 करोड़ रुपये रहा जो एक बार फिर से 830-850 करोड़ रुपये के बाजार अनुमान की तुलना में अधिक है। कंपनी को अन्य आय से भी मदद मिली है जो तिमाही के दौरान दोगुनी से अधिक बढ़ कर 606 करोड़ रुपये रही।
मजबूत ऑर्डर बुक (153,095 करोड़ रुपये ) को देखते हुए यह माना जा रहा है कि कंपनी के राजस्व में 86 फीसदी की भागीदारी वाले ईऐंडसी सेगमेंट के विकास की रफ्तार बरकरार रहेगी। ऑर्डर प्रवाह सालाना आधार पर 21 फीसदी की वृद्घि के साथ 19,594 करोड़ रुपये पर है जो सुस्त सूक्ष्म परिदृश्य को देखते हुए मजबूत है। हालांकि अन्य दो सेगमेंटों का प्रदर्शन खराब है। इन सेगमेंटों में दीर्घावधि ऑर्डरों का अभाव है और वे औद्योगिक एवं निजी क्षेत्र के पूंजीगत खर्च पर निर्भर हैं जिसमें तेजी आनी अभी बाकी है।
मार्जिन के मोर्चे पर, ईऐंडसी की बड़ी भागीदारी, कमजोर सूक्ष्म परिदृश्य और कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मार्जिन पर दबाव बरकरार रह सकता है। कुल मिला कर विश्लेषक वित्त वर्ष 2013 में कंपनी के राजस्व में लगभग 12-14 फीसदी और शुद्घ लाभ में 10-12 फीसदी की वृद्घि की उम्मीद कर रहे हैं।
|