| ओरियंटल होटल्स पर टिकी टाटा की नजर | | बीएस संवाददाता / मुंबई August 03, 2012 | | | | |
भारत की सबसे बड़ी होटल कंपनियों में से एक टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) को बरमूडा स्थित ओरियंटल एक्सप्रेस होटल्स (ओईएच) की ओर से कोई पहल न किए जाने के बावजूद साझेदारी की उम्मीद है। भारत और विदेश में ताज, विवांता और गेटवे जैसे होटलों का संचालन करने वाली आईएचसीएल की इस विदेशी कंपनी में 6.9 फीसदी हिस्सेदारी है।
आईएचसीएल ने ओईएच प्रबंधन के साथ साझेदारी की योजना बनाई है, लेकिन इसके लिए ओईएच की ओर से खास प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इंडियन होटल्स ने 2007 में 21.13 करोड़ डॉलर के सौदे के तहत ओईएच में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी लेकिन ओईएच के शेयरों में गिरावट होने पर समय के साथ-साथ निवेश में कमी आई।
इंडिय होटल्स की 111वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा, 'हमारे लिए एक बड़ा रणनीतिक अवसर उपलब्ध है, लेकिन मैं उसके बारे में न तो कुछ कह सकता हूं और न ही कुछ कर सकता हूं। लेकिन यदि आप कंपनी पर गौर करेंगे तो वह इंडियन होटल्स से काफी मिलती जुलती है क्योंकि उसके पास कई देशों में महत्त्वपूर्ण परिसंपत्तियां मौजूद हैं। संपत्ति के मामले में हम दोनों एक जैसी कंपनियां हैं।'
हालिया रिपोर्ट के अनुसार इंडियन होटल्स ओईएच में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने संबंधी संभावनाएं तलाश रही है। कंपनी लगातार कहती रही है कि आक्रामक अधिग्रहण एक मात्र तरीका नहीं है। ओईएच के राइट इश्यू में भाग न ले पाने के कारण कंपनी में इंडियन होटल्स की हिस्सेदारी खिसक गई गई थी। टाटा ने कहा, 'निवेश मूल्य में कमी आई है, यदि रणनीतिक रूप से कुछ घटित होता है तो मुझे उम्मीद है कि पीछे मुड़कर देखूंगा और कहूंगा कि उसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए। यदि हम निवेश को बट्टा खाते में डाल देते तो लगता कि घाटा हो रहा है, लेकिन मैं समझता हूं कि रणनीतिक रूप से साथ मिलकर कुछ करने की जरूरत है जिस हमारी नजर होनी चाहिए।' उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि अमेरिका और केपटाउन स्थित होटल मुनाफे में नहीं है जिससे संचयी स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।
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